कहानी बुरांस की

कहानी बुरांस की

धरती पर कई ऐसे फूल और पौधें हैं जो केवल देखने में ही सुंदर नहीं लगते अपितु इन फूलों का हमारी सेहत से सीधा संबंध भी है। पहाड़ों में कई तरह की जड़ी बूटियां पाई जाती हैं जिसके अंतर्गत यहां पर बुरांस नामक एक ऐसे औषधीय पौधे का फूल पाया जाता है जो हमें कई बीमारियों से भी निजात दिलाता है।

बुरांस का पौधा मुख्यतः एशिया में पाया जाता है। यह नेपाल का राष्ट्रीय फूल है। भारत में भी यह यहां के सिर्फ दो राज्यों उत्तराखंड व हिमाचल में पाया जाता है । बुंरास का औषधीय व आयुर्वेदिक नाम रोडोडेंड्रॉन है जो यहां कई रंगों में पाया जाता है। मार्च माह में बुरांस खिल उठे हैं और अब अपने यौवनाचरण में पहुँच चुके हैं जिसके चलते मध्यम व उपरी क्षेत्रों के पहाड़ इन फूलों से महक उठे हैं। हिमालय की हसीन वादियां बुरांस के फूलों की खुशबू से महक उठी हैं।

इन दिनों आनी के जंगल बुरांस के फूलों से गुलज़ार है । लाल सफ़ेद रंगों से वन को शोभा में बुरांस ने चार चांद लगा दिए हैं ।

Rhododendron

प्राकृतिक सुंदरता के साथ साथ लोक संस्कृति में भी है विशेष महत्व 
इनका प्रयोग न केवल प्राकृतिक सुंदरता के लिए होता है अपितु अगर हम लोक संस्कृति पर नज़र डालें तो मकर संक्राति के दिन इन्हें घर मे लगाने से परिवार में खुशियों की बहार आती है । इसके अलावा इन फूलों से अचार, चटनी,जैम और जूस भी बनता है जो स्वास्थ्य के लिए काफ़ी लाभप्रद है । इसकी लकड़ी ईंधन व चारकोल बनाने के काम आती है। इसके पते सिरदर्द से राहत दिलाने के लिए माथे पर लगाए जाते हैं। बुरांस यानि रोडोडेंड्रॉन के ये पौधे समुद्र तल से 3500 मीटर ऊँचे पहाड़ी इलाकों में गर्मियों के मौसम में खिलते हैं और इनमें लाल व गुलाबी फूल लगते हैं । इस फूल से बनने वाले शर्बत को नियमित रूप से पीने पर इससे त्वचा साफ रहती है। इस जूस में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो दिमाग को भी शांत रखते हैं। इतना ही नहीं इन फूलों के लेप को सिर में लगाने से नकसीर जैसी समस्या जड़ से ख़त्म हो जाती है । 


स्वास्थ्य की दृष्टि से है काफ़ी लाभकारी 
आए दिनों ब्लड प्रेशर की समस्या आम होती जा रही है इससे होने वाले नुकसान भी बहुत हानिकारक होते हैं। यदि किसी का रक्तचाप यानि ब्लड प्रेशर हमेशा हाई रहता हो तो बे इस फूल के जूस का सेवन करके इससे इस समस्या से हमेशा के लिए छुटकारा पा सकते हैं। जिन लोगों के शरीर में आयरन की कमी यानि लौह तत्व की मात्रा कम हो गई है बे भी बुंरास का जूस या शर्बत पीकर इससे शरीर को बीमारियों से लडऩे में सक्षम बना सकते हैं ।
बरहाल,आनी के जंगल इन दिनों बुरांस की खुशबू से महक उठे हैं । यहाँ जलोड़ी जोत,कंडुगाड़, बूटीधार समेत कई जंगल बुरांस से गुलज़ार है ।